बेंगलुरु एक ऐसा शहर है जहाँ नए विचार, तकनीक, रचनात्मकता और समाज के लिए कुछ बेहतर करने की सोच साथ-साथ आगे बढ़ती है। इस साल हम आपको तीन खास विषयों पर साथ मिलकर सोचने और बातचीत करने के लिए आमंत्रित करते हैं— कोर्ट्स ऑफ द पीपल, कोर्ट्स ऑफ द लिविंग, और फ्री टू थ्राइव। आइए मिलकर ऐसे न्याय तंत्र की कल्पना करें, जिसमें लोगों की ज़्यादा भागीदारी हो, जो हमारे आसपास की दुनिया से गहराई से जुड़ा हो, और जो हर व्यक्ति को आगे बढ़ने और अपनी पूरी क्षमता तक पहुँचने का मौका दे। फ्रीडम पार्क में दो दिनों तक देशभर से आए नए विचारों पर काम करने वाले लोग, कलाकार, सामुदायिक नेता, तकनीक के क्षेत्र से जुड़े लोग, छात्र और बदलाव लाने वाले लोग एक साथ जुटेंगे। हम कहानियाँ साझा करेंगे, नए रिश्ते बनाएँगे और मिलकर न्याय के नए रास्तों और नई संभावनाओं पर काम करेंगे।